ईरान-अमेरिका सीजफायर खत्म, ट्रम्प बोले- आज रात बड़ा हमला करेंगे:होर्मुज में जहाजों पर ईरानी हमले के बाद एक्शन; अब तक 80 टारगेट पर अटैक

तेहरान 08 Jul 2026

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को NATO समिट के दौरान कहा कि अमेरिका आज रात ईरान पर फिर से बड़े हमले कर सकता है। उन्होंने इससे पहले कहा था कि अब वह ईरान से कोई डील नहीं करना चाहते।

ट्रम्प ने कहा,

QuoteImage

“हमने कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला किया था और संभव है कि आज रात फिर से हमला करें। ईरान मिडिल ईस्ट में दबाव बनाता रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं रहेगा।QuoteImage

अमेरिका ने मंगलवार देर रात ईरान के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह कार्रवाई होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई।

दरअसल, ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में तीन जहाजों को निशाना बनाया था। ईरान ने बताया कि यह हमले इसलिए किए गए क्योंकि होर्मुज से कमर्शियल जहाज उनके बताए रास्तों से नहीं गुजर रहे थे।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स

  1. ईरान ने होर्मुज में 3 टैंकरों को निशाना बनाया: खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ईरान ने होर्मुज में 3 टैंकरों को निशाना बनाया, जिसमें एक टैंकर कतर का था। ईरान ने चेतावनी दी कि हमारी तरफ से तय रुट इस्तेमाल नहीं होने पर सुरक्षा की गारंटी नहीं रहेगी।
  2. कतर ने होर्मुज में ईरानी हमलों की निंदा की: कतर ने होर्मुज में उसके जहाज पर हमले की निंदा करते हुए ईरान को कानूनी रूप से पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया। साथ ही कहा कि ईरानी हमले अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा हैं।
  3. ईरान बोला- धमकियों के बीच अमेरिका से बातचीत नहीं: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि धमकियों के माहौल में कोई समझौता नहीं होगा। पहले अमेरिका को अपने पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा।
  4. कोम में खामेनेई के जनाजे में लाखों की भीड़ उमड़ी: तेहरान में अंतिम यात्रा के बाद लगातार दूसरे दिन कोम में भी खामेनेई के जनाजे में लाखों की भीड़ उमड़ी। कई लोगों ने ताबूत पर लाल कपड़ा भी चढ़ाया, जो बदले का प्रतीक है।
  5. खामेनेई का पार्थिव शरीर इराक के नजफ पहुंचा: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर मंगलवार रात इराक के नजफ शहर पहुंचा। ईरान में कई दिनों तक चली अंतिम यात्रा और धार्मिक रस्मों के बाद ताबूत को विशेष विमान से नजफ लाया गया।