बीपीईओ के 17 पद स्वीकृत; 7 भरे, 10 पड़े हैं खाली

जालंधर 11 Jul 2026

सरकारी प्राइमरी स्कूलों की प्रशासनिक व्यवस्था ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों (बीपीईओ) की कमी से प्रभावित हो रही है। डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में बीपीईओ के 228 स्वीकृत पदों में से 107 पद खाली हैं। यानी करीब 46.93 फीसदी पद रिक्त हैं।

इसका असर स्कूलों के प्रशासनिक कार्यों के साथ शिक्षकों से जुड़े कई जरूरी कामों पर भी पड़ रहा है। जालंधर स्थिति राज्य के औसत से अधिक गंभीर है। जिले में बीपीईओ के 17 स्वीकृत पद हैं, जिनमें केवल 7 पर अधिकारी तैनात हैं, जबकि 10 पद खाली हैं। यानी जिले में 58.82 फीसदी पद रिक्त हैं।

खाली पदों के कारण कई ब्लॉकों का काम अतिरिक्त प्रभार के सहारे चल रहा है। डीटीएफ के जिला नेता अवतार लाल के अनुसार जालंधर के ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल रहा है। जहां दो ब्लॉकों के लिए अलग-अलग बीपीईओ होने चाहिए, वहां कई जगह एक ही अधिकारी दोनों ब्लॉकों का काम देख रहा है, जबकि कई ब्लॉकों में नियमित बीपीईओ ही नहीं हैं। उनका कहना है कि अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में एक-एक अधिकारी को तीन से चार ब्लॉकों का अतिरिक्त प्रभार संभालना पड़ रहा है।उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर एक बीपीईओ के अधीन 60 से 70 सरकारी प्राथमिक स्कूल आते हैं।